Inner Journey यानी अंतर्यात्रा को बयान करती है यह तस्वीर ! तस्वीर के केंद्र में दो आँखें हैं . एक खुली हुई और दूसरी बंद आँख ....उसके चारो ओर घूमती हुई पूरी बाहरी दुनियां है ...प्रकृति - पेड़ पौधे ,पशु -पक्षी ,धरती, आकाश,समुद्र, जलजीव और पहाड़। दरअसल यह तस्वीर हमें दो तरह अनुभवों के होने का अहसास कराती है . खुली आँख से हम बाहरी जगत का अनुभव करते हैं लेकिन आँख बंद होते ही हम अपने भीतर की यात्रा करते हैं ...अपने भीतर की यात्रा को ही हम आंतरिक यात्रा ( Inner Journey ) कहते हैं।जिस प्रकार हम बाहरी दुनियां को देखते हैं और उसको अनुभव करते हैं, वैसे ही हम अपने भीतर बसी पूरी सृष्टि का भी अनुभव कर सकते हैं।
ब्लोगिंग ...! यह भी अन्तर्मन के आयामों की बाहरी प्रस्तुति का
